ब्रज 84 कोस यात्रा

A Divine journey in the Land  of Krishna

यात्रा की मुख्य विशेषताएं

लीलास्थल दर्शन – श्रीकृष्ण की 84 दिव्य लीलाओं का अनुभव।

भजन-कीर्तन संग यात्रा – हर पड़ाव पर भक्तिमय संगति।

प्रकृति और परंपरा का संगम – कुंड, सरोवर, वनों और गिरिराज का स्पर्श।साधना और आत्मशुद्धि – यात्रा नहीं, आत्मा की तपस्या।
संतों का सान्निध्य – संतों व गुरुजनों से दिव्य मार्गदर्शन।

सामूहिक भक्ति का संगम – देशभर से हज़ारों श्रद्धालुओं का मिलन एवम् हर दिन भजन, कीर्तन और सत्संग।
सम्पूर्ण यात्रा AC गाड़ियों द्वारा,स्वच्छ और सुरक्षित Hotel,सात्विक व शुद्ध शाकाहारी भोजन की व्यवस्था और संपूर्ण यात्रा में आध्यात्मिक और पारिवारिक माहौल।

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About Chalo Dham

चलो, श्रद्धा से धाम की ओर

ChaloDham एक समर्पित आध्यात्मिक तीर्थयात्रा पोर्टल है, जिसका उद्देश्य भारत की पवित्र तीर्थयात्राओं को श्रद्धालुओं के लिए सरल, सुरक्षित और संपूर्ण बनाना है। हम श्रद्धा को सुविधा से जोड़ते हैं – ताकि हर यात्री को अपनी यात्रा में आत्मिक शांति, दिव्यता और पूर्णता का अनुभव हो।

ब्रज धाम के प्रमुख तीर्थ स्थल

नंदगांव

नंदगांव ब्रज क्षेत्र का एक पवित्र और अनुपम स्थल है जहाँ श्रीकृष्ण अपने बाल्यकाल में नंद बाबा और यशोदा मैया के साथ निवास करते थे। यह वही भूमि है जहाँ कृष्ण ने अपने बाल-सखा और गोपियों संग खेल-खेल में दिव्य लीलाएं रचाईं

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गोकुल

गोकुल वह दिव्य नगरी है जहाँ श्रीकृष्ण का बाल्यकाल बीता। कंस के भय से वसुदेव जी श्रीकृष्ण को यमुना पार करके गोकुल ले आए और यहीं यशोदा मैया की गोद में लालन-पालन हुआ। गोकुल की हर गली, हर घर, हर कण में लला की माखन चुराने वाली लीलाएँ आज भी जीवित प्रतीत होती हैं।

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बरसाना

बरसाना वह दिव्य भूमि है जहाँ श्री राधा रानी ने अवतार लिया। यह स्थान चारों ओर पर्वतों से घिरा है और इसे "रंग की नगरी" भी कहा जाता है, क्योंकि यहाँ रंग, रास और राधा की रसिकता हर कण में बसी है।

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बाकें विहारी

श्री बाँके बिहारी जी वृंदावन धाम के सबसे प्रिय, चंचल और रसमय स्वरूप हैं। यहाँ दर्शन केवल नेत्रों से नहीं होते, यहाँ आत्मा देखती है और हृदय भाव विभोर हो जाता है।

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राधा रमण

राधा रमण जी वृंदावन धाम के उन दुर्लभ विग्रहों में से एक हैं, जो स्वयं प्रकट हुए थे — बिना किसी मूर्तिकार के छेनी-हथौड़ी के। यह श्रीकृष्ण का शालिग्राम रूप से स्वयं प्रकट विग्रह है, जो साक्षात श्री राधा रमण कहलाते हैं — "राधा के रमण"।

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निधिवन

निधिवन, वृंदावन का वह पावन स्थल है -जहां आज भी माना जाता है कि राधा रानी और श्रीकृष्ण रात्रि में रास रचाते हैं। यह स्थान केवल एक उपवन नहीं, यह वृंदावन की आत्मा है – एक रहस्य, एक श्रद्धा और एक चेतना।

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